पर्सनल लोन ओवरड्रॉफ़्ट
ओवरड्राफ्ट (Overdraft) एक ऐसी बैंकिंग सुविधा है, जिसके तहत आप अपने खाते में उपलब्ध राशि से अधिक पैसे निकाल सकते हैं। इसमें आपको एक तय सीमा तक उधार लेने की अनुमति मिलती है और ब्याज केवल उसी राशि पर देना होता है, जिसका आपने वास्तव में उपयोग किया है। इसलिए, अचानक आने वाले खर्चों या अल्पकालिक वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प माना जाता है।
आइए अब विस्तार से समझते हैं कि ओडी (OD) अकाउंट क्या होता है, ओवरड्राफ्ट सुविधा कैसे काम करती है और इसके क्या लाभ हैं।
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ओवरड्राफ्ट लोन सुविधा आपको निम्नलिखित तरीके से वित्तीय स्वतंत्रता और सुविधा प्रदान करती है, जो आपकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सहायक हो सकती है:
निम्नलिखित योग्यता मानदंड का पालन करने से आपको आसानी से ओवरड्राफ्ट वित्तीय सुविधा का उपयोग करने का मौका मिल सकता है:
ओवरड्राफ्ट के आवेदन के लिए ये दस्तावेज़ तैयार रखें:
ओवरड्राफ्ट लोन के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करके ऑनलाइन आवेदन करना आसान और सुविधाजनक है, जिससे आपको अपनी वित्तीय ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
दोनों की उपयोगिता अलग है। रेगुलर पर्सनल लोन में पूरी राशि एकमुश्त मिलती है और ब्याज पहले दिन से पूरी राशि पर लगता है। ओवरड्राफ्ट में स्वीकृत लिमिट से आप ज़रूरत के समय राशि निकालते हैं और ब्याज सिर्फ़ इस्तेमाल की गई राशि पर लगता है। तय खर्च के लिए रेगुलर लोन और अनिश्चित ज़रूरतों के लिए ओवरड्राफ्ट बेहतर रहता है।
ओवरड्राफ्ट एक क्रेडिट सुविधा है, जिसमें बैंक आपके खाते पर एक तय लिमिट स्वीकृत कर देता है। इस लिमिट में से आप ज़रूरत पड़ने पर कभी भी राशि निकाल सकते हैं, भले ही खाते का बैलेंस उतना न हो। ब्याज सिर्फ़ निकाली गई राशि पर, उतने ही समय के लिए लगता है, और राशि जमा करते ही आपकी लिमिट फिर बहाल हो जाती है।ओवरड्राफ्टओवरड्रॉफ़्ट सुविधा एक वित्तीय सुविधा है जिसमें आपके बैंक खाते में एक निश्चित ब्याज दर पर अतिरिक्त धन उपलब्ध होता है।
कोटक महिंद्रा बैंक सैलरीड व्यक्तियों के लिए पर्सनल लोन ओवरड्राफ्ट की सुविधा Easy Credit Line के रूप में देता है। इसके अलावा सेविंग्स अकाउंट, करंट अकाउंट और मौजूदा लोन पर भी ओवरड्राफ्ट लिया जा सकता है। सही विकल्प आपकी ज़रूरत और प्रोफाइल पर निर्भर करता है।
यदि आप अपने ओवरड्राफ्टओवरड्रॉफ़्ट का भुगतान नहीं कर सकते, तो बकाया राशि पर ब्याज और लागू पेनल चार्ज लगते हैं, बैंक से इंटरेस्ट और दंडों का सामना करना पड़ सकता है, और आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है।
हाँ, स्वीकृत लिमिट में से आप कई बार राशि निकाल सकते हैं और हर निकासी पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता। ध्यान रखें कि निकासी एक तय ड्रॉ पीरियड के भीतर ही की जा सकती है। यह अवधि पूरी होने के बाद रीपेमेंट पीरियड शुरू हो जाता है।
आपके करंट अकाउंट के प्रकार, उपयोग, क्रेडिट स्कोर और रीपेमेंट हिस्ट्री के आधार पर बैंक एक लिमिट तय करता है, जिस तक आप ओवरड्रॉ कर सकते हैं। ब्याज सिर्फ़ इस्तेमाल की गई राशि पर और सिर्फ़ उतने ही समय के लिए लगता है। EMI की बाध्यता नहीं होती, आप फंड की उपलब्धता के अनुसार राशि चुका सकते हैं, इसलिए यह शॉर्ट-टर्म बिज़नेस फाइनेंसिंग का अच्छा विकल्प है।